Wednesday, 31 July 2013

रंगों का वार्तालाप

रंगों का वार्तालाप 


लाल बोला मैं लाली रचाऊ 
शरमाती हुई दुल्हन को मैं सजाऊ 

हरा बोला मैं हरियाली उगाऊ 
सबकी आँखों को ठंडक दिलाऊ 

नीला बोला मैं आसमान मैं उड़ जाऊ 
समुंदर को मेरा रंग दे जाऊ 


पीला बोला मैं सूरज मैं समाऊ 
सारी दुनिया को सुनहरा बनाऊ 

काला बोला मैं रात को छा जाऊ 
बुरे कामों को मेरा रंग दे जाऊ 

सफ़ेद बोला मैं स्वच्छ और शांत कहेलवाऊ 
दो लड़ते दुश्मनों के बीच सुलह करवाऊ 


यह सुन कर सब रंग बोले कितना अच्छा हो 
अगर हम अपने रंगों को बेरंग बनाले 
और अपने आप को सफ़ेद रंग से ही मिलालें 
रंगों का भेद छोड़ कर सारी  दुनिया एक बनालें 

पूनम दोशी 

More than a husband..


                                                           More than a husband


More than a husband you're my friend,
you've taught me  the major life bend,
in any tough task you're my helping hand,
I think you're the best hubby on this land.

When I see myself on a heap of sand,
I too see you standing on the other end,
fighting with all the odds for me with a vend,
for all my problems you're "THE END".

Poonam Doshi

funy hindi poem बैंक ऑफिसर का प्यार

बैंक ऑफिसर का प्यार 


तेरी आँखों का प्यार मेरी आँखों में ट्रान्सफर हुआ 
तेरे आने से मेरे life के  a/c में प्यार का debit balance हुआ 
मेरा अकेलापन credit और उदासी का  ECS   हुआ 
तुम्हें मेरी तरफ से gifts का inflow शुरू हुआ 
और मेरे बटुवे में से पैसों का outflow शुरू हुआ 
मेरे debt A/c में hotels bills की entries बढ़ी 
और तुम्हारा सुन्हेरा साथ मेरे A/c में capitalise हुआ 
अब ऐसा लगता है की अपनी Balance sheet tally नहीं हो रही 
जब मैंने अपने प्यार का statement reconcile किया 
तो पता चला तेरे तरफ से तो उसमें opening balance ही नहीं था 

funny hindi poem- mera kidnap

                                     मेरा किडनेप 

एक दिन एक गुंडे की आ गयी शामत 
मुजे किडनेप कर उसने बुलाली आफत 

किडनेप कर उसने दिखा तो दी आपनी ताकत 
उसे क्या पता था अब आयेगी क़यामत 

जब २ दिन में मैंने खर्चे उसके ५० हज़ार 
उसने सोचा उसके पति से वसूल करूँगा यार 

फोन कर के उसने माँगा मेरे पति से १० लाख रुपिया 
उसे नहीं पता था मेरा पति था पक्का बनिया 

वो बोले गुंडे भैया अब कैसे तुम्हें मैं समजाऊ 
इस पुराने माल की मैं चव्वनी भी ना परखाऊ 

मगर उसे ले जाकर जो ख़ुशी है तूने दिलाई 
उसके लिए जरूर भेजूंगा मैं तुम्हें मिठाई 

सुनकर उनकी बात गुंडा बोल मुझसे 
ये कंजूस देता है तुमे खर्च करनेके पैसे ?

मैं बोली तुम्हारी अक्कल क्या घास है खाती ?
वो अगर देते तो तुम्हारे साथ क्या यूँ चली आती?

पूनम दोशी 





Tuesday, 30 July 2013

छोटी उम्मींदे बड़ी ख़ुशी


छोटी उम्मींदे बड़ी खुशी 

मैंने मांगी खुश्बू बाग़ से…… 
वो एक फूल ही दे गया.…

मैंने मांगी रोशनी सूरज से……
वो चंदा ही दे गया.…

मैंने मांगा प्यार दुनिया से …… 
वो एक बंदा ही दे गया ………. 

मैंने मांगा सुख - चैन संसार से………
वो मेरा मन ही दे गया ……

पूनम दोशी 

અર્ધાન્ગીની


અર્ધાન્ગીની 

તું એક ચિત્રકાર છે......
                 તો હું છું એના રંગો ની આભા....

તું એક વૈરાગી છે........
                 તો હું છું એની દૃઢતા ....

તું એક કલાકાર છે......
                તો હું છું એની સર્જનાત્મકતા ....

તું એક કર્મયોગી છે......
                 તો હું છું એની કાર્યશીલતા ....  

તું એક શરીર છે........
                  તો હું છું એની આત્મા......


ચાહું છું

ચાહું છું



તારા વિયોગ માં ગમ નું ગીત બનવા ચાહું છું
તારા આગમન ની સોહામણી સવાર બનવા ચાહુ છું

તારી ખુશી માં તારા ચહેરા નું સ્મિત બનવા ચાહું છું
તારા ગમ માં તારી પરિપક્વ વિચારધારા બનવા ચાહું છું

તારી હળવાશ માં તારા પ્રેમ ની મિરાત બનવા ચાહું છું
તારા સંઘર્ષ માં તારું મક્કમ મનોબળ બનવા ચાહું છું

ફક્ત એટલુજ કહેવા માંગું છું કે
બની શકું તો તારી નબળાઈ નહીં, તારી તાકાત બનવા ચાહું છું

– પૂનમ દોશી