मेरा किडनेप
एक दिन एक गुंडे की आ गयी शामत
मुजे किडनेप कर उसने बुलाली आफत
किडनेप कर उसने दिखा तो दी आपनी ताकत
उसे क्या पता था अब आयेगी क़यामत
जब २ दिन में मैंने खर्चे उसके ५० हज़ार
उसने सोचा उसके पति से वसूल करूँगा यार
फोन कर के उसने माँगा मेरे पति से १० लाख रुपिया
उसे नहीं पता था मेरा पति था पक्का बनिया
वो बोले गुंडे भैया अब कैसे तुम्हें मैं समजाऊ
इस पुराने माल की मैं चव्वनी भी ना परखाऊ
मगर उसे ले जाकर जो ख़ुशी है तूने दिलाई
उसके लिए जरूर भेजूंगा मैं तुम्हें मिठाई
सुनकर उनकी बात गुंडा बोल मुझसे
ये कंजूस देता है तुमे खर्च करनेके पैसे ?
मैं बोली तुम्हारी अक्कल क्या घास है खाती ?
वो अगर देते तो तुम्हारे साथ क्या यूँ चली आती?
पूनम दोशी
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